राकेश साहू – धार। जिला अस्पताल के नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई में नवनियुक्त सुरक्षा कर्मी रात 9-30 बजे ही अपनी ड्यूटी के दौरान सोता हुआ मिला। 
      जिला अस्पताल  का एसएनसीयू वार्ड पिछले कुछ दिनों से विवादों में रहा है और लापरवाही के आरोप में कुछ अनुभवी कर्मचारियों को हटाया गया था। क्या अस्पताल प्रबंधन व एसएनसीयू के प्रभारी जिम्मेदार अधिकारियों को अब लापरवाही नजर नहीं आ रही हैं। गत रात्रि 9-30 बजे ही मुकेश नाम का यह सुरक्षा कर्मी अपनी ड्यूटी के दौरान सोता हुआ मिला।और एसएनसीयू वार्ड में नवजात शिशुओं को देखने के लिए एकसाथ भीड़ के रूप में परिजन इकट्ठे हो गए। कोरोना के संक्रमण काल में भीड़ का एकत्रित होना एवं नवजात की सुरक्षा व शिशुओं की जानमाल को हानि पहुंच सकती हैं। एसएनसीयू के वार्ड में गंभीर रूप से बीमार एक से 12 दिनों के बच्चों का उपचार किया जाता हैं। ऐसी लापरवाही के चलते क्या नवजात शिशुओं की जानमाल को गंभीर खतरा बढ़ सकता है।
      सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रात्रिकालीन ड्यूटी के दौरान कर्मचारी आते हैं और देर रात के बाद सो जाते हैं। औऱ वार्ड की सिस्टर भी अपने मोबाइल में व्यस्त नजर आती हैं और नवजात शिशुओं की देखभाल में गंभीर लापरवाही देखने को मिलती है। डॉक्टर भी डयूटी पर आते हैं और कुछ देर रुककर सभी बच्चों का उपचार करने के बाद वापस अपने आवास पर चले जाते हैं और वार्ड में बीमार बच्चों के आने पर ड्यूटी सिस्टर द्वारा काल करके बुलाया जाता है। रात्रिकालीन समय में सिविल सर्जन या जिम्मेदार अन्य अधिकारी रहते नहीं है।
*जिम्मेदार क्या बोले*
आपने मुझे जानकारी दी है, मै पता करके दिखवाता हूँ।
*डॉ राजेश जमरा*
*प्रभारी*
*एसएनसीयू जिला अस्पताल धार*
ड्यूटी डॉ राशिका से संपर्क मोबाइल फोन से करने का प्रयास कर उनका पक्ष जानना चाहा तो संपर्क नहीं हो सका।
*डॉ राशिका*
*डयूटी डॉक्टर*
*एसएनसीयू धार*

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