झाबुआ : जिले में आई देर रात बुरी खबर,

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पेटलावद से जेमाल मैडा – थांदला मे कोरोना संक्रमण जोर शोर से ले रहा अपना रूख अभी अभी देर रात मे आई रिपोर्ट मे अचानक एक साथ अट्ठारह लोग निकले कोरोना संक्रमित, थांदला में सबसे ज्यादा कोरोना पीड़ित, थांदला बनता जा रहा है कोरोना का हॉटस्पॉट.होना चाहिऐ अनलांक नही तो भिलवाडा जैसा रुख हो सकता है ।

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प्रधान संपादक : प्रताप भुरिया 

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  1. […] Jhabua Alert – खचरटोड़ी, मेघनगर जनपद के अन्तर्गत आने वाली एक पंचायत हे, जिसके ग्रामीण जन सरपंच व सचिव की तानाशाही से बेहद परेशान हे । पंचायत में सचिव पद पर पदस्थ किशोर कटारा की नियुक्ति मार्च 2020 में हुई थी तब से लेकर आज तक इसने कई भ्रष्टाचार किए हे । साथ ही इनके द्वारा पंचायत कार्यालय भी नहीं खोला जाता है । इसके बावजूद सरपंच अपनी खुद की पंचायत अपने घर पर ही चलते हे, ग्रामीणों को किसी कार्य के लिए पंचायत कार्यालय नहीं बल्कि सरपंच के घर जाना पड़ता है । पंचायत के विकास के नाम पर सिर्फ ओर सिर्फ सरपंच सचिव के भ्रष्टाचार ही हे । फ्टातोड़ी से खमतलाई तालाब तक पंचायत द्वारा बनाई गई सुदूर सड़क के हाल भी बेहाल दिखाई दे रहे है, सुदूर सड़क बारिश में पूर्णतः कीचड़ के रूप में बदल गई है यह सड़क, ग्रामीणों ने निजी पैसे देकर सड़क पर मिट्टी डलवाई । […]

  2. […] झाबुआ । कलेक्टर श्री रोहित सिंह ने सोमवार को यहां कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में विभिन्न विभागों के जिला अधिकारियों की बैठक ली। जिसमें जिले में आगामी 28 सितम्बर से 7 अक्टूबर तक आयोजित राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान जिले में 1 वर्ष से 19 वर्ष तक आयु वर्ग के व्यक्तियों को एल्बेन्डाजोल कृमिनाशक गोली खिलाई जावेगी। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम का क्रियान्वयन समुदाय आधारित गृह भ्रमण रणनीति के माध्यम से किया जावेगा। स्वस्थ्य विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के मैदानी कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर 1 से 19 वर्ष के बच्चों तथा व्यक्तियों को गोली खिलाई जावेगी। कलेक्टर श्री सिंह ने अवगत कराया कि कृमि से शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव पडता है। बच्चे के पेट में कृमि होने से बच्चों के शारीरिक विकास में वृद्धि अवरूद्ध हो जाती है। कृमि कई कारणों से बच्चे के पेट में पहुंच जाती है। नंगे पैर खेलने, खेतों में जाने से, बिना हाथ धोए खाना खाने से, खुले में शौच जाने से, साफ-सफाई नहीं रखने से, कृमि होने से खुन की कमी, कुपोषण, भूख न लगना, थकान, बेचेनी, पेट में दर्द उल्टी आना दस्त लगना मल मे खुन आना आदि हानिकारक प्रभाव हो सकते हैं और बच्चे के चेहरे पर धब्बे भी दिखाई दे सकते है। श्री सिंह ने कहा की इस दौरान एक वर्ष से 19 वर्ष तक का एक भी बच्चा एल्बेन्डाजोल कृमिनाशक गोली खिलाने से वचिंत न रहे इस बात का विशेष ध्यान रखा जावे। […]

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