कलेक्टर को शिकायत के बाद भी नही जगा प्रशासन… प्रशासन की अनदेखी का खामियाजा भुगत रहीं जनता….

खवासा। ग्रामीण लोगों को बेहतर जीवन प्रदान करने के लिए भारत सरकार ने 16 दिसम्बर 2005 को ‘भारत निर्माण’ नाम के एक कार्यक्रम की शुरूआत की। यह योजना मुख्यत: 6 क्षेत्रों पर केंद्रित थी जिसमें बिजली, पानी, सड़क, सिंचाई, दूरसंचार और देश के ग्रामीण क्षेत्रों में आवास शामिल था। लेकिन झाबुआ जिले के खवासा पंचायत के अंतर्गत ग्राम नाहरपुरा के ग्रामीण अभी भी कई मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि शासन-प्रशासन की अनदेखी व जनप्रतिनिधियों की लापरवाही से ग्रामीणों को स्वच्छ पीने का पानी तक उपलब्ध नहीं हो पा रहा है साथ ही बिजली की सुविधा भी लगभग समाप्त होती लग रही है, सड़क का हाल भी बदहाल सा हो गया है, सरकारी स्कूल से माही नदी तक जाने वाला रोड़ गड्डो में तब्दील हो गया है, जिससे रहवासियों को आने-जाने में दुर्घटना की आशंका बनी रहती हैं। ऐसी कई समस्याओं को लेकर जनप्रतिनिधि को अवगत कराया गया साथ ही एसडीएम महोदय व कलेक्टर महोदय को ज्ञापन भी सौंपा गया। ग्रामीणों का कहना है कि नाहरपुरा ग्राम झाबुआ जिले के आखिरी सीमा पर है इसके कारण शासन-प्रशासन को गांव की समस्या नजर नहीं आती है। ग्रामीणों को अपनी मूलभूत सुविधा उपलब्ध नहीं हो पा रही है इस कारण ग्रामीण कई दशक पीछे का जीवन जीने को मजबूर हैं। ग्राम पंचायत का मुक्ति धाम (शमशान घाट) का कार्य अधूरा होने से अंतिम संस्कार में ओर भी मुश्किलें बढ़ गई हैं। पीने के पानी के लिए लगे नलकूप में भी खारा पानी आता है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत कभी समय पर खुली ही नहीं और सरपंच अपने बिगड़ेल स्वभाव से सारी समस्याओं को नजरअंदाज कर देता है, ग्रामीण एक हस्ताक्षर करवाने के लिए तरस जाते हैं।

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